CBI के ही 2 अधिकारी फंसे! दिल्ली कोर्ट ने लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
दिल्ली की एक अदालत ने 2 CBI अधिकारियों- DSP आरके ऋषि और सिलेक्शन ग्रेड-II अधिकारी समीर कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने जांच को प्रभावित करने के लिए रिश्वत ली थी। यह आदेश 23 मई 2026 को आया, जिसमें एक अन्य अधिकारी और एक निजी कंपनी को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया।
सिंह ने गोपनीय जानकारी बांटी, 5.5 लाख रुपये लिए
CBI के मुताबिक, समीर सिंह ने आरके ऋषि के साथ गोपनीय जानकारी बांटी थी। आरोप है कि दोनों ने मिलकर मामलों को कमजोर करने के लिए पैसे लिए। जज ने बताया कि साल 2019 में सिंह के खाते में 5.5 लाख रुपये जमा हुए थे, जो सरकारी सेवा के नियमों के खिलाफ था। अब इन दोनों पर साजिश, चोरी और भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाए गए हैं।
कपिल धाकड़ और फ्रॉस्ट इंटरनेशनल को बरी किया गया
इंस्पेक्टर कपिल धाकड़ और फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड को इसलिए बरी कर दिया गया, क्योंकि उन्हें किसी गलत काम से जोड़ने के लिए सीधे तौर पर कोई सबूत नहीं मिला। अदालत ने साफ कहा कि उनके खिलाफ पैसों के लेन-देन या किसी भी तरह का ठोस सबूत नहीं था।