पश्चिम एशिया में जंग से बिगड़ा फिल्मों का बजट तो कमल हासन ने दी नसीहत- फालतू खर्चों पर लगाओ लगाम
पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई का असर अब भारतीय फिल्म इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। तनाव और संघर्ष की वजह से ईंधन (पेट्रोल-डीजल), हवाई सफर और शूटिंग के सामान की कीमतें 25 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। इसका सीधा असर फिल्मों के बजट पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान छोटी और कम बजट वाली फिल्मों को हो रहा है, क्योंकि मध्य पूर्व के देशों से होने वाली कमाई भी अब काफी घट गई है।
इस मुश्किल दौर को देखते हुए दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री से समझदारी से खर्च करने की अपील की है। उन्होंने कहा, "हमें फिल्मों में बेवजह के दिखावे और फालतू खर्चों को तुरंत रोकना होगा। इसकी जगह हमें अपने देश के ही संसाधनों का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए।"
सब्सिडी के बावजूद छोटी प्रोडक्शन कंपनियां दबाव में
फिल्मों को बनाने में लगने वाले आने-जाने और ट्रांसपोर्ट का खर्च और तकनीक का खर्च बहुत तेजी से बढ़ रहा है। बड़े बजट की फिल्मों के पास तो बहुत पैसा होता है, इसलिए वे इन बढ़े हुए खर्चों को झेल लेती हैं, लेकिन छोटी प्रोडक्शन कंपनियों (कम बजट वाले निर्माताओं) पर इसका बहुत भारी दबाव पड़ रहा है।
इस बीच, सऊदी अरब और पोलैंड जैसे देश दुनियाभर के फिल्मकारों को अपने यहां खींचने के लिए बहुत बड़ी सब्सिडी दे रहे हैं। इनमें से सऊदी अरब तो फिल्म की लागत पर 60 प्रतिशत तक की छूट की पेशकश कर रहा है। इसके बावजूद एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह अस्थिरता और तनाव बना रहा तो दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं के लिए अपनी अच्छी कहानी और लगातार घटते बजट के बीच तालमेल बिठाना बहुत मुश्किल हो जाएगा।