हाई कोर्ट का रवि मोहन को झटका, पत्नी के गुजारा भत्ता में टालमटोल नहीं चलेगी, एक्टिंग से भी दूरी तय
मद्रास हाई कोर्ट ने अभिनेता रवि मोहन को झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी वह अर्जी ठुकरा दी है, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी आरती रवि के लगाए अंतरिम गुजारा भत्ता मामले में जवाब देने के लिए और समय मांगा था।
इससे पहले हाई कोर्ट ने चेन्नई की फैमिली वेलफेयर कोर्ट को आरती की अर्जी पर 2 हफ्ते के भीतर फैसला सुनाने का निर्देश दिया था।
रवि इस समयसीमा को आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन जस्टिस अब्दुल कुद्दुस ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया।
रवि की पत्नी ने उन पर लगाए ये आरोप
आरती का आरोप है कि रवि ने अप्रैल, 2025 से उन्हें अंतरिम गुजारा भत्ता नहीं दिया है, जिसमें बच्चों की स्कूल फीस भी शामिल है।
निचली अदालत में सुनवाई में हो रही देरी के बाद, आरती ने त्वरित फैसले के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था।
उनके वकील ने रवि को और समय दिए जाने का कड़ा विरोध किया, जिसे जज ने भी स्वीकार कर लिया। इस बीच, रवि ने घोषणा की है कि जब तक उनका तलाक पूरा नहीं हो जाता, वे अभिनय से दूरी बनाए रखेंगे।
यह ऐलान तब आया है, जब हाल के दिनों में रवि और सिंगर केनीशा फ्रांसिस को कई आयोजनों में एक साथ देखा गया था और सार्वजनिक तौर पर उनके प्यार जताने के किस्से सुर्खियों में रहे थे।
केनीशा ने हाल ही में संकेत दिया था कि वह रवि से अपना मौजूदा रिश्ता खत्म कर सकती हैं और चेन्नई छोड़ सकती हैं।