कान्स में रोमानियाई फिल्म 'फजॉर्ड' का जलवा, जीता सबसे बड़ा पुरस्कार, रूस-यूक्रेन संकट पर बनी फिल्म भी चमकी
रोमानियाई निर्देशक क्रिस्टियन मुंगियू की फिल्म 'फजॉर्ड' ने इस साल कान्स फिल्म फेस्टिवल में इतिहास रचते हुए वहां का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सम्मान, पाम डी'ओर अपने नाम कर लिया है। ये फिल्म एक ऐसे धार्मिक परिवार की कहानी दिखाती है, जो एक बिल्कुल नई संस्कृति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है।
इसके अलावा साल 2022 में रूस के हमले से प्रभावित हालातों पर बनी फिल्म 'मिनोटॉर' को दूसरा सबसे बड़ा अवॉर्ड यानी ग्रैंड प्रिक्स दिया गया। आपको बता दें कि इस साल कान्स की मुख्य जूरी (जज) के मुखिया मशहूर निर्देशक पार्क चान-वूक थे, जबकि डेमी मूर और क्लोई झाओ जैसे दिग्गज अंतरराष्ट्रीय सितारे भी इस जूरी का हिस्सा थे।
अभिनय और निर्देशन में बंटे इनाम
इस बार कई अवॉर्ड दो-दो लोगों या फिल्मों के बीच बांटे गए। फिल्म 'कावर्ड' के लिए इमैनुअल मैकिया और वालेंटिन कैम्पेन, दोनों को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवॉर्ड मिला। इसी तरह फिल्म 'ऑल ऑफ ए सडन' के लिए वर्जिनी एफिरा और ताओ एकामोटो को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब दिया गया। सर्वश्रेष्ठ डायरेक्टर का अवॉर्ड भी दो फिल्मों ने साझा किया। इनमें से एक फिल्म 'ला बोला नेग्रा' थी जो क्वीर रिश्तों पर आधारित थी और दूसरी 'फादरलैंड' जो थॉमस मान से प्रेरित थी। पूरे फेस्टिवल में LGBTQ+ कहानियों और युद्ध से जुड़े विषयों को खूब सराहा गया।
जूरी प्राइज किसे मिला?
नेपाल की फिल्म 'एलिफेंट्स इन द फॉग' को उसकी अनूठी कहानी के लिए जूरी अवॉर्ड से नवाजा गया। हालांकि, बारबरा स्ट्रीसैंड को एक मानद अवॉर्ड मिलना था, लेकिन खराब सेहत की वजह से वो इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं।