कान्स में छाया AI का मुद्दा, 2 गुटों में बंटे फिल्मकार; डेल टोरो बोले- इससे बेहतर मरना पसंद करूंगा
इस साल के कान्स फिल्म फेस्टिवल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सबसे बड़ा मुद्दा रहा, जिसे लेकर फिल्म निर्माताओं की राय दो हिस्सों में बंटी दिखी। एक तरफ डैरेन अरनॉफ्स्की ने AI का समर्थन करते हुए कहा कि ये फिल्म बनाने की मुश्किलों को आसान करता है और क्रिएटिविटी को बढ़ाता है, वहीं स्टीवन सोडरबर्ग ने बीच का रास्ता चुना। उन्होंने अपनी एक डॉक्यूमेंट्री में थोड़ा AI इस्तेमाल किया और इसे सिर्फ CGI जैसा एक साधारण औजार बताया।
दूसरी तरफ मेक्सिकन फिल्म निर्माता गुइलेर्मो डेल टोरो इसके सख्त खिलाफ नजर आए और उन्होंने साफ कह दिया कि वे अपनी फिल्मों में AI का इस्तेमाल करने के बजाय मरना पसंद करेंगे।
जूरी सदस्य बोलीं- कहानी के लिए इंसानी अहसास जरूरी
जूरी सदस्य डेमी मूर ने इस पूरे माहौल को समेटा। उन्होंने माना कि AI शायद अब यहीं ठहरने वाला है, लेकिन जोर देकर कहा कि कहानी कहने के लिए इंसानी अहसास अब भी जरूरी है। कान्स फिल्म फेस्टिवल में पूरी तरह से AI से बनी फिल्मों को प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया जाता है। हालांकि, कुछ फिल्मों ने आवाज बदलने जैसे छोटे कामों के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल जरूर किया है। ये फेस्टिवल अब भी इस बात पर मंथन कर रहा है कि फिल्मों में AI को कितनी जगह मिलनी चाहिए।