अमेरिकी कोर्ट की सुनवाई में तय होगा किसे मिलेगा टैरिफ रिफंड?
अमेरिकी अदालत में मंगलवार (9 जून) को एक अहम सुनवाई होनी है, जिसका असर 166 अरब डॉलर (करीब 15,000 अरब रुपये) के टैरिफ रिफंड पर पड़ेगा।
बड़ा सवाल ये है कि क्या उन सभी आयातकों को पैसा मिलेगा, जिन्होंने ये टैक्स चुकाए हैं या सिर्फ उन्हीं 2,500 से ज्यादा कंपनियों को, जिन्होंने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराए हैं?
न्याय विभाग चाहता है कि रिफंड सिर्फ उन्हीं कंपनियों को मिले, जिन्होंने मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन न्यायालय इस फैसले को सभी रजिस्टर्ड आयातकों के लिए भी खोल सकता है।
CBP पोर्टल को मिले करीब 8,350 अरब रुपये के दावे
US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने 20 अप्रैल को इन रिफंड के दावों को देखने के लिए एक ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया था। जून तक उन्हें करीब 90 अरब डॉलर (करीब 8,350 अरब रुपये) के दावे मिल चुके थे।
उन्होंने ट्रेजरी विभाग को 20.6 अरब डॉलर (करीब 1,900 अरब रुपये) के रिफंड जारी करने का निर्देश भी दिया था। अभी कुछ तरह के दावों के लिए रिफंड मांगने का सिर्फ 80 दिन का ही समय है।
CBP की कार्यकारी सहायक आयुक्त सुसान थॉमस का कहना हैं कि अगर, न्यायालय तय करता है कि ज्यादा लोग इस रिफंड के हकदार हैं तो यह समय सीमा बदल सकती है। इस फैसले का असर उन हजारों व्यवसायों पर पड़ सकता है, जो अपने पैसे वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।