गंगा एक्सप्रेसवे से माल ढुलाई में बचेंगे 30,000 करोड़ रुपये, मिल रहा निवेश
हाल ही में खुले 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश में माल ढुलाई का समय काफी कम होने की उम्मीद है, जिससे सालाना लॉजिस्टिक्स में 30,000 करोड़ रुपये तक की बचत होगी। इस बचे हुए पैसे का इस्तेमाल विकास के दूसरे बड़े कामों में किया जा सकेगा।
मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों से गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे से औद्योगिक और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में वृद्धि होगी। पहले इन दोनों शहरों के बीच सफर में लगभग 12 घंटे तक का समय लगता था, लेकिन अब ये दूरी सिर्फ 5-8 घंटे में तय हो सकेगी।
करीब 46,660 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव
यह 6 लेन वाला हाईवे है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। अभी से ही इस पर करीब 46,660 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं।
ये प्रस्ताव मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए हैं। इसके साथ ही, IT और फार्मा पर आधारित नए इंडस्ट्रियल पार्क और जोन बनाने की भी योजना है।
यह हाईवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को आपस में और बेहतर तरीके से जोड़ेगा, जिससे सामान की ढुलाई बेहद आसान बन जाएगी। जल्द ही इसका रास्ता उत्तराखंड से भी जुड़ जाएगा। इन सब से न सिर्फ व्यापार बढ़ेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को 1,000 अरब डॉलर (करीब 90,000 अरब रुपये) की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य पूरा करने में भी मदद मिलेगी।