क्यों चीन में कच्चे तेल का आयात 2017 के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा?
मई में चीन के कच्चे तेल के आयात में भारी गिरावट दर्ज की गई। यह आंकड़ा घटकर 3.3 करोड़ टन पर आ गया, जो हर दिन 78 लाख बैरल के बराबर है।
2017 के बाद यह पहला मौका है, जब आयात इस स्तर तक कम हुआ है। इसकी मुख्य वजह ईरान में चल रहा संघर्ष है, जिसने तेल आपूर्ति लाइनों को बुरी तरह प्रभावित किया है।
यह चीन के लिए एक बड़ी चिंता की बात है क्योंकि वह आमतौर पर इससे कहीं ज्यादा तेल का आयात करता है।
रिफाइनरियाें ने कामकाज किया धीमा
कम तेल आपूर्ति के चलते चीन को कई कदम उठाने पड़ रहे हें। वह निर्यात घटा रहा है, रिफाइनरियों में कामकाज की रफ्तार धीमी कर रहा है और अपने पास जमा भंडार का उपयोग कर रहा है। रिफाइनरियां नया तेल खरीदने के बजाय अपने मौजूदा स्टॉक को ही खपा रही हें।
इसके साथ ही, कच्चे तेल के ऊंचे दाम और इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से घरेलू स्तर पर ईंधन की खपत भी कम हुई है।
हालांकि, पिछले महीने उत्पाद निर्यात में मामूली बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन यह अब भी सामान्य स्तर से बहुत कम है। यह हालात बताते हैं कि देश का तेल क्षेत्र इस समय कितनी मुश्किलों का सामना कर रहा है।